16–20 अक्टूबर 2026 · षष्ठी से विजयादशमी
दुर्गा मंदिर की नींव — आस्था, संस्कृति और एकता का प्रतीक
सन 1937 से – माँ के चरणों में समर्पण और उत्सव की अद्भुत विरासत, जो हर वर्ष भक्ति, संस्कृति और आनंद की अनोखी छटा बिखेरते हुए हमारे समाज को एक सूत्र में पिरोती है।
सरमेरा दुर्गा पूजा समिति आस्था, परंपरा और सामुदायिक एकता का प्रतीक है। हर वर्ष यह उत्सव न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बनता है, बल्कि पूरे समाज को एक साथ लाकर हमारी सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रखता है।
और जानें
सन् 1937 — स्वतंत्रता संग्राम के काल में स्थापित एक सांस्कृतिक विरासत
सरमेरा दुर्गा पूजा समिति की स्थापना सरमेरा गढ़ के प्रबुद्ध भूमिहार समाज एवं अन्य समान विचारधारा वाले व्यक्तियों के सामूहिक प्रयास से सन् 1937 में की गई थी। यह वह समय था जब देश स्वतंत्रता संग्राम की लहरों से आंदोलित था, और ऐसे काल में सांस्कृतिक चेतना को अक्षुण्ण बनाए रखना एक चुनौती थी...
पूरा इतिहास पढ़ेंआयोजन को सफल बनाने वाले समर्पित सदस्य
सरमेरा गढ़, नालंदा, बिहार 811104